Home हर गांव में किसान न्याय केंद्र स्थापित होंगे: न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई

हर गांव में किसान न्याय केंद्र स्थापित होंगे: न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई

नादकीआवाज़,खंडेला।

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई ने कहा, कि कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन के सचिव श्री विक्रम आर्य की सोच है कि “हर गांव में किसान न्याय केंद्र की स्थापना हो” उनकी सोच को मूर्त रूप दिया जाएगा।इसकी शुरुआत सीकर जिले से की जाएगी, सीकर से जो भी आवाज उठेगी वह दिल्ली तक जाएगी।

न्यायमूर्ति श्री विजय बिश्नोई,बरसिंहपुरा में दिवंगत किशनसिंह आर्य की स्मृति में आयोजित “कृषक अधिकार एवं कृषि तकनीक ” विषयक व्याख्यान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन न्याय केंद्रों में गांव के शिक्षित युवाओं को पैरा लीगल वॉलंटियर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा जो किसानों को सरकारी योजनाओं, कानूनी अधिकारों और उनके लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी देंगे। न्यायमूर्ति श्री बिश्नोई ने कहा कि राजस्थान का किसान बहुत मजबूत है, कठिन परिस्थिति में संघर्ष करता है, हार नहीं मानता। आत्महत्या करने जैसे घृणित विचार मन में नहीं लाता, बल्कि कठिनाईयों का डटकर मुकाबला करता है, यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।

राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनूप कुमार ढंढ़ ने किसानों को लाभकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए, न्याय प्रक्रिया के बारे में बताया। न्यायमूर्ति अनिल कुमार उपमन ने कहा कि किसान हमारे देश का सबसे बड़ा वर्ग है, हमारे देश की रीड है। इसलिए कभी भी किसान को ऋण के एवज में भूमिहीन नहीं करना चाहिए। किसान का लागत मूल्य कम करना चाहिए तथा नई तकनीकी से अधिक पैदावार करने की ट्रेनिंग देनी चाहिए जिससे कम लागत में अच्छा मुनाफ मिल सके।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, शिक्षाविद ,अधिवक्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे वक्ताओं ने किसानों को नई कृषि तकनीकों, कानूनी जानकारी व सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विक्रम सिंह आर्य के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विजय विश्नोई, तेलंगाना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति ई.वी. वेणुगोपाल, राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनिल कुमार उपमन और न्यायमूर्ति अनूप कुमार ढंढ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के संयोजक श्री राम सिंह आर्य ने बताया कि प्रतिवर्ष स्व.श्री किशनसिंह आर्य की स्मृति में किसानों को जागरूक करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।