जयपुर,नादकीआवाज़।
शिल्पगुरु इंदर सिंह कुदरत को गुरुपूर्णिमा के अवसर पर भाजपा के प्रतिनिधि मंडल ने उनके निवास पर जाकर गुरु शिष्य परंपरा को जिवंत रखने कुंदन मीनाकारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर सम्मानित किया।
श्री कुदरत को इससे पूर्व 1991 में राजकीयपुरस्कार,2009 में राष्ट्रपति पुरस्कार तथा 2015 में सिल्पगुरू पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।श्री कुदरत को ग्लोबल पीस विश्वविद्यालय ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की है। श्री कुदरत की कला गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में भी दर्ज है।

श्री कुदरत सरकार की तरफ से अमेरिका,जर्मनी,फ्रांस, इटली आदि की यात्रा कर चुके हैं ।हांगकांग सरकार के द्वारा इन्हें स्थानीय छात्रों को मीनाकारी का हुनर और कला की शिक्षा देने के लिए बुलाया ।श्री कुदरत अपनी कला का प्रदर्शन राष्ट्रीय प्रदर्शनीयों और अंतरराष्ट्रीय मेलों में भी कर चुके हैं।
श्री इंदरसिंह कुदरत ने बताया की 16वीं शताब्दी में मिर्जा राजा मानसिंह लाहौर से जयपुर लाए थे।उनके नाम से जड़ियों का रास्ता बनाया गया।इससे पूर्व इनके पिता श्री कुदरत सिंह जी को पद्मश्री और राष्ट्रपति पुरस्कार सिर्फ सम्मानित किया जा चुका है

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