झुंझुनू,(दिनेश शर्मा”अधिकारी”)।

झुंझुनू जिले की ग्राम पंचायत चूड़ी चटपुरा (थाना मुकुन्दगढ़) में दो नाबालिग भाई-बहन के साथ हो रही उपेक्षा एवं अमानवीय परिस्थितियों के मामले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), झुंझुनू ने संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित व प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की है।

समाजसेवी द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र को माननीय जिला एवं सत्र न्यायालय, झुंझुनू द्वारा अग्रेषित किए जाने के पश्चात सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मामले की गंभीरता को तुरंत संज्ञान में लिया। बिना किसी विलंब के प्रकरण को नियमानुसार चाइल्ड हेल्पलाइन / जिला बाल संरक्षण इकाई को अग्रेषित कर स्पष्ट निर्देश दिए गए कि नाबालिग बच्चों के हित में तत्काल कार्यवाही की जाए तथा अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

DLSA की इस सक्रिय पहल के परिणामस्वरूप बाल कल्याण समिति (CWC), झुंझुनू द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के अंतर्गत आवश्यक आदेश पारित किए गए। आदेशानुसार दोनों नाबालिग बच्चों को समिति के समक्ष प्रस्तुत कर उनकी स्थिति की जाँच की जाकर उन्हें सुरक्षित रूप से बालक गृह एवं सखी वन स्टॉप सेंटर में रखकर संरक्षण, एवं लालन-पालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सचिव  ने बताया कि “ये बच्चे हमारे समाज और देश का भविष्य हैं। यदि किसी के साथ अन्याय या उपेक्षा होती है, तो विधिक सेवा प्राधिकरण उसकी रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़ा रहेगा। इस प्रकरण में भी बच्चों के सर्वोत्तम हित में त्वरित कदम उठाए गए हैं।”

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